200 से गिरकर ₹5 KG हुआ टमाटर, खेतों में ही फेंकने को मजबूर अपनी फसल, किसान ने लगाई सरकार से गुहार

किसान की फसलों का कभी काफी ज्यादा दाम मिलता है तो, कभी काफी कम दाम मिलता है। इस तरह से टमाटर और आलू का भी यही हाल होता है। हाल ही में टमाटर के भाव काफी बढ़ चुके थे, लेकिन एक बार फिर से टमाटर के भाव काफी गिर चुके हैं।

5KG हुआ टमाटर

टमाटर उत्पादक किसानों की दुर्दशा को देखते हुए किसान संगठन भी काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिला सचिव जितेंद्र पाटीदार कहते हैं कि, सरकार को केरल सरकार की तर्ज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करना चाहिए। फसल बीमा के साथ नीरद विश्व निश्चित है कि हमारा टमाटर उत्पादक किसानों को कम से कम नुकसान हो। इस समय किस टमाटर के गिरते हुए धाम के कारण काफी आक्रोश में नजर आ रहे हैं।

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हम सभी जानते हैं कि महीने पर पहले टमाटर के भाव आसमान छू रहे थे, लेकिन इस समय टमाटर के भाव कई शहरों में थोक बाजार में ₹5 किलो प्रति तक पहुंच चुके हैं, जिसकी वजह से काफी नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। वही मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में टमाटर की कीमतों को लेकर किसानों से बात की गई, जहां पर उन्होंने बताया है कि, अपने ढाई बीघा जमीन पर ₹2 लाख  खर्च कर उन्होंने टमाटर की फसल उगाई थी, लेकिन उम्मीद थी कि इस बार अच्छा भाव आएगा, लेकिन काफी कम भाव के कारण उन्हें काफी मार भी झेलना पड़ रही है।

किसान चाहते है राहत की सांस

किसानो की फसल के लिए लागत ही करीब 80 हजार रुपए बीघा के रूप में 5 लाख रुपए आई। वही यदि 20 रुपए किलो बिकता तो सिर्फ लागत निकलती, लेकिन अब 5 रुपए प्रतिकिलो कि लागत ही करीब 80 हजार रुपए बीघा के मान से 2 लाख रुपए आई। लिहाजा अब किसान तोड़कर खेत में ही फेंक रहे हैं, ताकी वह मिट्टी को अगली फसल के लिए उपजाऊ बना सके। ऐसे में किसान सरकार से सहायता चाहते है और वह चाहते है की उन्हें कम से कम लागत का पैसा तो मिले इस तरह की योना बनायी जा सके।

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