टमाटर की खेती सम्पूर्ण जानकारी, फसल, कीट और रोकथाम

टमाटर भारत में बहुत लोकप्रिय सब्जियों में से एक है। टमाटर की खेती एक लाभदायक व्यवसाय हो सकती है। इस लेख में, मैं टमाटर की खेती के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी साझा करूंगा। टमाटर की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी लोमड़ीमात्र और गुड़गांव जैसी उत्तर भारत में पायी जाने वाली मिट्टी होती है। इसके अलावा, टमाटर की खेती के लिए जलवायु उपयुक्त होना आवश्यक है। टमाटर ज्यादातर गर्मी पसंद करते हैं। इसलिए, उच्च तापमान वाले स्थानों में टमाटर की खेती की जाती है।

टमाटर की खेती के लिए बीजों की उत्पादन सालाना नहीं होता है, इसलिए बीजों को एक साल पहले या टमाटर की फसल के दौरान ही खरीद लेना चाहिए। बीजों को रोपण के दौरान 6 से 8 सेमी गहराई तक लगाया जाना चाहिए। इसके बाद, पौधों के बीच 45 सेमी दूरी पर इनको उगाया जाना चाहिए। टमाटर के पौधों को समय-समय पर पानी देना आवश्यक होता है। टमाटर की फसल के लिए बलुई दोमट मिट्टी या दोमट मिट्टी वाली भूमि का चयन करना चाहिए । फसल के लिए चयन की गई भूमि का पी.एच मान 6 से 7 बीच का होना चाहिए । टमाटर की रोपाई करने के 10 से 15 दिन पहले खेत की 1 जुताई के बाद 1 एकड़ खेत में 10 टन गोबर की खाद और 2.5 किलोग्राम ट्रिकोडेर्मा का इस्तेमाल करे । इसके बाद खेत की 3 बार अच्छे से जुताई करके पट्टा फेर दे।

टमाटर की खेती के नर्सरी

टमाटर की फसल तेयार करने के लिए नर्सरी का आकर इस प्रकार से रख सकते है

लम्बाई:- 3 से 6 मीटर

चोडाई:- 0.6 से 0.7 मीटर

ऊचाई:- 0.1 से 0.15 मीटर

नर्सरी बनाते समय मिटटी में डाले जाने वाले तत्व गोबर की खाद पांच के जी प्रति मीटर कार्बोफूरान दस ग्राम प्रति वर्ग मीटर और कोपर ऑक्सी क्लोराइड को एक लीटर पानी में घोलकर नर्सरी बीएड की मिटटी को गिला करे! नर्सरी बुवाई के 15से 18 दिन बाद नर्सरी में अच्छी बथ्वर ग्रोथ के लिए npk 19:19:19 का पांच ग्राम एक लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करे!

टमाटर की किस्म

टमाटर की किस्म 15 प्रकार की होती है जो निम्न प्रकार से है:-

हिमसोहन किस्म

इस टमाटर की किस्म की अवधि 65 से 70 दिन की होती है इसमें गुण:- पहली तुडाई 65 से 70 दें पर हो जाती है! लंबी दुरी के परिवहन के लिए अच्छा है! इस किस्म को राज्य के अनुसार रवि, खरीफ, जायद सभी मोषम में उगाई जा सकती है!

अभिनव किस्म

इस टमाटर की किस्म की अवधि 60 से65 दिन की होती है इसमें गुण:- पहली तुडाई 60 से 65 दें पर हो जाती है! लंबी दुरी के परिवहन के लिए अच्छा है! इस किस्म के फल का वजन 80 से 100 ग्राम तक होता है! इस किस्म को राज्य के अनुसार रवि, खरीफ, जायद सभी मोषम में उगाई जा सकती है! यह किस्म बेलदार किस्म है!

प्रभात किस्म

इस टमाटर की किस्म की अवधि 66 से70 दिन की होती है इसमें गुण:- पहली तुडाई 66 से 70 दिनों पर हो जाती है! इस किस्म के फल का वजन 80 से 100 ग्राम तक होता है! इस फसल का आकर सपाट गोल होता है!

पूस 120

इस टमाटर की किस्म की अवधि 65 से 70 दिन की होती है! गुण: किस्म IARI, दिल्ली द्वारा विकसित की गयी है! इसके फल छोटे, नर्म, आकर्षित और तना पीले रंग का होता है! यह किस्म नीमाटॉड के प्रतिरोधी किस्म है!

अर्का रक्षक अफ एक

इस टमाटर की किस्म की अवधि 140 से 150 दिन की होती है! यह किस्म पति मिड्क विषाणु, जीवाणु झुलसा और अगेती धब्बे रोगों से प्र्तिरोशी है! इसके फल चोकोर, गोल, मध्यम भारी, गहरे लाल रंग के होते है! इसे खरीफ, रबी व गर्मीं सभी मोसम में उगाया जाता है!पैदावार इसकी एक एकड़ में 400 से 500 क्विटल हो जाती है

युअस 2853

इस टमाटर की किस्म की अवधि 65 से 70 दिन की होती है!

बीएसइस 1006

इस टमाटर की किस्म की अवधि 60 से 65 दिन की होती है!

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इस टमाटर की किस्म की अवधि 60 से 62 दिन की होती है!

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इस टमाटर की किस्म की अवधि 60 से 65 दिन की होती है!

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इस टमाटर की किस्म की अवधि 55 से 60 दिन की होती है!

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इस टमाटर की किस्म की अवधि 140 से 150 दिन की होती है!

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इस टमाटर की किस्म की अवधि 65से 70 दिन की होती है!

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इस टमाटर की किस्म की अवधि 50 से 55 दिन की होती है!

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इस टमाटर की किस्म की अवधि 45 से 50 दिन की होती है!

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इस टमाटर की किस्म की अवधि 55 से 60 दिन की होती है!

टमाटर बुआई का तरीका

टमाटर की पौध रोपाई के समय 1 एकड़ खेत में 50 किलोग्राम डी ऐ पी ( DAP ) , 50 किलोग्राम पोटाश ( Potash ) , 10 किलोग्राम कार्बोफुरान , 25 किलोग्राम यूरिया ( Urea ) , 25 किलोग्राम कैल्शियम नाइट्रेट ( Calcium Nitrate ) , 8 किलोग्राम जायम का इस्तेमाल करे ।

टमाटर की खेती बुवाई के 20 से 25 दिन बाद

टमाटर की पौध रोपाई के 20 से 25 दिन बाद 1 एकड़ खेत में 25 किलोग्राम यूरिया , 5 किलोग्राम जायम का इस्तेमाल करे ।

बुवाई के 35 से 40 दिन बाद

टमाटर की पौध रोपाई के 35 से 40 दिन बाद 10 ग्राम NPK 20:20:20 को 1 लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करे ।

बुवाई के 50 से 55 दिन बाद

टमाटर की पौध रोपाई के 50 से 55 दिन बाद 250 ग्राम NPK 0:52:34 और 50 ग्राम बोरोन को 20 लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करे।

सिंचाई बुवाई के 60 से 70 दिन बाद

अगर आपकी फसल में टमाटर छोटे साइज में ही पक रहे हैं तथा कम फल लग रहे हैं तो इसके लिए पहले दिन जिब्रेलिक एसिड 1 ग्राम प्रति 50 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें । और उसके दूसरे दिन NPK 0:52:34 50 ग्राम प्रति टंकी पानी में मिलाकर स्प्रे करें .

सिचाई:-टमाटर की फसल में पहली सिचाई फसल रोपाई के तुरंत बाद करे । उसके बाद आवश्कता के अनुसार 15 से 20 दिन बाद सिचाई करते रहे । टमाटर की बुआई के लिए निम्नलिखित तरीका अनुसरण किया जाता है:

  1. टमाटर के बीज बोना जाता है और जब उनमें से छोटे पौधे निकलते हैं तो उन्हें आकार और स्थान के अनुसार अलग-अलग दूरियों पर रख दिया जाता है।
  2. बुआई के लिए सबसे उपयुक्त समय सुबह के समय होता है। इससे पहले, जमीन को अच्छी तरह से तैयार किया जाना चाहिए जिसमें कीटाणुओं से बचने के लिए उर्वरक और खाद डाला जाता है।
  3. टमाटर के पौधे को ध्यान से जमीन में लगाया जाता है और उसे अच्छी तरह से सुखाया जाता है। फिर उसे पानी से सुखाया जाता है।
  4. टमाटर के पौधों को लगातार नियमित ढंग से पानी दिया जाता है। इसके लिए समय-समय पर टमाटर के पौधों के चारों तरफ पानी डाला जाता है।
  5. टमाटर के पौधों को फल देने के लिए नियमित खाद देना आवश्यक होता है। इसके लिए नियमित अंतराल पर उर्वरक और खाद डाली जाती है

टमाटर के पोधे में कोनसी बीमारी होती है?

टमाटर में थ्रिप्स किट होता है! इसके उपचार के लिए 180 मिली स्पिनेटोरम 11.7% SC को 200ल लीटर पानी के हिसाब से घोलकर प्रति एकड़ में छिडकाव करे!
या
पायरीप्रॉक्सीफैन 5 % + फेनप्रोपथ्रिन 15 % ईसी 200 मिली प्रति एकड़ 300 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें । या लैम्ब्डा – सायलोथ्रिन 5 % ईसी 120 मिली प्रति एकड़ 250 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें । जैविक नियंत्रण जैविक तरीके से इस कीट का नियंत्रण करने के लिए 250 ग्राम बवेरिया बेसियाना का प्रति एकड़ की दर से उपयोग करें ।
या
नीमतेल 1500 पीपीएम 500 मिली प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें । कम देखें

नेमोटोड और फगस का उपाए क्या है?

टमाटर में नेमाटोड़ बीमारी हैं । इसका उपचार निम्न तरीके से संभव है । रासायनिक नियंत्रण नेमाटोड़ के नियंत्रण के लिए पैक्लियोमाइसीस लिलसिनस 01.15 % डब्ल्यूपी 1200 ग्राम प्रति एकड़ 200 किलोग्राम गोबर की खाद में मिलाकर मृदा में मिलाएँ ।
या
8 से 10 किलोग्राम फिप्रोनिल 0.3 % GR या कार्बोफूरान को यूरिया , बालू या रेत में मिलाकर 1 एकड़ में प्रयोग करें ।

टमाटर पर फुल आने पर भी फल क्यों नही लगते?

उर्वरक व खाद:- बुवाई के समय टमाटर की पौध रोपाई के समय 1 एकड़ खेत में 50 किलोग्राम डी ऐ पी ( DAP ) , 50 किलोग्राम पोटाश ( Potash ) , 10 किलोग्राम कार्बोफुरान , 25 किलोग्राम यूरिया ( Urea ) , 25 किलोग्राम कैल्शियम नाइट्रेट ( Calcium Nitrate ) , 8 किलोग्राम जायम का इस्तेमाल करे ।
बुवाई के 20 से 25 दिन बाद टमाटर की पौध रोपाई के 20 से 25 दिन बाद 1 एकड़ खेत में 25 किलोग्राम यूरिया , 5 किलोग्राम जायम का इस्तेमाल करे ।
बुवाई के 35 से 40 दिन बाद टमाटर की पौध रोपाई के 35 से 40 दिन बाद 10 ग्राम NPK 20:20:20 को 1 लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करे । बुवाई के 50 से 55 दिन बाद टमाटर की पौध रोपाई के 50 से 55 दिन बाद 250 ग्राम NPK 0:52:34 और 50 ग्राम बोरोन को 20 लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करे ।
बुवाई के 60 से 70 दिन बाद अगर आपकी फसल में टमाटर छोटे साइज में ही पक रहे हैं तथा कम फल लग रहे हैं तो इसके लिए पहले दिन जिब्रेलिक एसिड 1 ग्राम प्रति 50 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें । और उसके दूसरे दिन NPK 0:52:34 50 ग्राम प्रति टंकी पानी में मिलाकर स्प्रे करें!

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