अब किसान बनेगे ड्रोन पायलट, सरकार किसानों को सिखा रही खेतों में ड्रोन चलाना, देखे

सरकार आधुनिक मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए कई प्रदेशों में अब ड्रोन से खेती करना सिखा रहे है। ऐसा ही कुछ यूपी में भी देखने को मिल रहा है, जहां पर यूपी में प्रत्येक विकासखंड के दो बागवान या फिर किसान को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिसके माध्यम से यह दो पायलट अपने विकासखंड के गांव में बाघ और खेतों में ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव कर सकते हैं।

ड्रोन पायलट प्रशिक्षण शुरू

इसके साथ ही इस प्रशिक्षण के दौरान विकासखंड के अंतर्गत आने वाले गांव के अन्य युवाओं को भी ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण और लाइसेंस में प्राथमिकता पहले दी जाएगी, ताकि वहां के युवा इसका प्रशिक्षण ले कर खेतों में ड्रोन का इस्तेमाल आसानी से कर सके।

इस संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्रालय की सलाह पर राज्य सरकार ने भी एक प्रस्ताव जारी किया है, केंद्रीय मंत्री ले खेती में आधुनिक मशीनीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ड्रोन से कीटनाशकों की छिड़काव को प्रोत्साहन दे रहा है, जिससे कि ना सिर्फ कीटनाशकों की बर्बादी रुकेगी, बल्कि समय और पैसे की भी काफी बचत होगी। साथ ही स्वास्थ्य किसानों के स्वास्थ्य पर भी कीटनाशकों का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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ड्रोन से खेती के फायदे

आज सभी किसान कीटनाशकों का छिड़काव करते समय उससे काफी ज्यादा संपर्क में आते हैं और उन्हें खेतों में उतरकर कीटनाशकों का छिड़काव करना पड़ता है, लेकिन यदि ड्रोन से छिड़काव किया जाए तो इसमें किसी तरह से हानि नहीं होगी।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा 2 वर्ष पूर्व शुरू की गई ड्रोन प्रणाली को गांव का पहुंचने की योजना के आधार पर ही कई राज्यों में किसानों और बाग़वानों को ड्रोन से कीटनाशकों के छिड़कावों का प्रशिक्षण और लाइसेंस प्रदान किया जा रहा है। आज मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, सहित दक्षिण के कई अन्य राज्यों में किसानों को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण देना शुरू किया जा चुका है।

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