भारत का कृषि में भविष्य इन बातो पर निर्भर है, जाने भारत में खेती करने के आने वाले समय में बड़े बदलाव

आज भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां पर आधे से ज्यादा आबादी कृषि पर ही निर्भर रहती है, ऐसे में कृषि व्यवस्थाओं पर भी काफी ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि आने वाले समय में पैदावार बढ़ाना भी एक लक्ष्य होगा। साथ ही जलवायु परिवर्तन भी एक बड़ी समस्या से में विज्ञान और उन्नत तकनीक के होते ही जरूरत को पूरा किया जा सकता है। इसके लिए इन तामाम बातो का आपको ध्यान रखना होगा, जेसे –  

ड्रिप सिंचाई

इसके लिए आज कई तरह की कोशिश भी की जाती है, वहीं दुनिया भर में जहां पानी का संकट गहराया हुआ है और कई जगह पर भुजल स्तर नीचे गिर चुका है वहां पर कृषि में पानी का 70% उपयोग हो रहा है। ऐसे में ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत तो होगी ही साथी कम लागत में ज्यादा पैदावार भी होगी, इसके किसानों को ड्रिप इरीगेशन तकनीक को भी अपनाना काफी आवश्यक हो गया है।

हाइब्रिड बीज का इस्तेमाल

आज कृषि में पैदावार बढ़ाना अभी एक मुख्य लक्ष्य है और इसी उद्देश्य से किसान आज लगातार बीजो की संरचना में लगे हुए हैं, जिनसे प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पैदावार हो सके। आज हाइब्रिड बीज का इस्तेमाल किया जाता है जो की, कृषि जगत में क्रांति ला सकते हैं। आने वाले समय में हाइब्रिड बीज का महत्व और कीमत दोनों बढ़ाने की संभावना है। क्योंकि उपयुक्त हाइब्रिड बीजों के आने के बाद कृषि अन्य प्रकार की जरूरत की कमी आ सकती है।

डिजिटल कृषि तकनीक

आज किसानों को डिजिटल कृषि को भी अपनाना आवश्यक हो गया। आज किसानों को घर बैठे उसके ट्रैक्टर का हाल पता चल जाता है। आने वाले समय में इसी प्रकार से ड्राइवर के बिना चलने वाले ट्रैक्टर का भी चालान होने वाला है। इसके साथ स्मार्टफोन और द्रोण के माध्यम से भी कैसे खेती करना सफल हो जाएगा।

पूर्वानुमानित कृषि

भारत में भविष्य में यह महत्वपूर्ण होगा की किसानों को मौसम और बाज़ार की जरूरतों का बेहतर आभास हो सकें जिसके आधार पर वो अपनी फसलों की बुआई करें, ताकि बेहतर परिणाम प्राप्त कर सके। पिछले सालों के कृषि और जल वायु संबंधी डाटा के आधार पर देश के अलग अलग हिस्सों में कौनसी फसल उपयुक्त होगी अगर इसकी जानकारी किसान को पहले ही मिल जाए तो उनके लाभ में बढ़ोतरी होगी।

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