खैनी और  बीड़ी पीने वालों ने लिया इस सरकारी योजना का जमकर लाभ, चौंका देंगे ICMR के आंकड़े

हम सभी जानते हैं कि ,भारत में आज कई लोग तंबाकू और खैनी का उपयोग काफी ज्यादा मात्रा में करते हैं. आज हम लोग बीड़ी के रूप में भी तंबाकू प्रोडक्ट देते हुए देखे जा सकते हैं. ज्सिमे कई लोगों को खैनी की लत भी काफी हद तक लग चुकी है. हाल ही में आईसीएमआर द्वारा दिल्ली की एक रिसर्च के आंकड़े में बताया गया है कि, देश में करीब 14 करोड लोग खैनी और तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं, जबकि करीब 10 करोड लोगों बीड़ी में तंबाकू पीते हैं.

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ICMR के हेरान कर देने वाले आंकड़े

लेकिन इन सब में चोकाने वाली बात यह सामने आई है कि, देश की हर वर्ग को राहत देने के लिए सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं चलाई गई. वहीं एक सरकारी योजना का सबसे ज्यादा लाभ इन खैनी खाने और बीड़ी पीने वाले लोगों ने सबसे ज्यादा उठाया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में करीब 28 फीसदी लोग तंबाकू का सेवन करते हैं जिनमें सबसे ज्यादा लोग फिशेज खाते हैं और 8 फीसदी लोग बीड़ी पीते हैं. तंबाकू का सेवन करने वालों में पुरुषों की संख्या 42 फीसदी है, वहीं महिलाओं की 14% है. इस वजह से सरकारी योजना का लाभ लेने वालों में पुरुष भी सबसे आगे है.

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आईसीएमआर ने बताया है कि, केंद्र सरकार के लोगों को फ्री इलाज देने वाले आयुष्मान भारत योजना में देशभर में गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए बहुत लाभदायक रही है. लेकिन दुर्भाग्य की बात ही है कि, इस योजना का लाभ सबसे ज्यादा बीड़ी पीने वाले और खैनी खाने वाले लोगों ने उठाया है. आयुष्मान भारत स्कीम के तहत लाभ लेने वालों में 70 फ़ीसदी वह लोग है, जो कि तंबाकू का सेवन करते हैं और इसके माध्यम से उन्हें गंभीर बीमारियां हैं जिसमें ओरल कैंसर सबसे ज्यादा सामने आया है.

सरकार कर रही ज्यादा खर्च

आईसीएमआर की स्‍टडी बताती है कि, जितना सरकार तंबाकू से रेवेन्‍यू कमाती है. उससे ज्‍यादा हेल्‍थकेयर पर खर्च करना पड़ रहा है. तंबाकू खाने से होने वाली बीमारियों के इलाज में सरकार का 270 बिलियन रुपये खर्च हो रहा है जबकि तंबाकू उत्‍पादों से होने वाली कमाई इसका सिर्फ 25.9 फीसदी हिस्‍सा ही है एसे में सरकार को उल्टा नुकसान देखा जा सकता है.

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