राजस्थान सरकार ने पेपर लीक और डमी कैंडिडेट्स को रोकने के लिए उठाये बड़े कदम, कर्मचारी चयन बोर्ड का ‘मास्टर प्लान’ तेयार, देखे

इस समय पेपर लीक मामले को लेकर हर जगह पर सरकार काफी सख्त कदम उठाते हुए नजर आ रही है। इस तरह से इस बार राजस्थान सरकार भी पेपर लीक और डमी कैडेट्स को रोकने के लिए कई तरह की योजनाएं बनाते हुए काम कर रही है। राजस्थान में इस समय कर्मचारी चयन बोर्ड परीक्षाएं होने वाली है, इसको लेकर सरकार द्वारा अपनी तैयारी कर ली गई है।

सरकार का मास्टर प्लान

आपको बता दे कि इस साल विधानसभा चुनाव होने के बाद भाजपा सरकार द्वारा पेपर लिख के खिलाफ एसआईटी का गठन किया गया था, लेकिन पेपर लीक और डमी कार्ड को रोकने की असली चुनौती उन संस्थाओं के सामने आ रही है जो की, प्रतियोगिता परीक्षा करवाती है इन्हीं चुनौतियों को पार करने के लिए कर्मचारी चयन बोर्ड ने एक मास्टर प्लान भी तैयार किया है।

सरकार ने लिया बड़ा फेसला: खाद-बीज का बिजनेस करने के लिए अब 10वीं पास होना की काफी है, सिर्फ करना होगा यह कोर्स

21 जनवरी से होगी परीक्षाएं शुरू

राजस्थान में 21 जनवरी से अप्रैल तक कहीं परीक्षाएं आयोजित होने वाली है, ऐसे में बोर्ड के सामने बड़ी चुनौतियां पेपर लीक और डमी कैंडिडेट्स को रोकने की आती है।  उसके लिए बोर्ड द्वारा कुछ ऐसे कदम उठाए गए हैं जो कि इन समस्याओं को रोकते हुए नजर आएंगे। इनमें कुछ स्टेप कॉन्फिडेंशियल है, जिन्हें बताया नही गया है। लेकिन युवा बेरोजगारों को यह भरोसा दिला सकते हैं कि, इन स्टेप्स के माध्यम से पेपर लीक जैसी समस्याएं नहीं आएंगे।

यह पौधे दूसरी स्टेज तक की कैंसर को ठीक करने में मदद करता है, जाने एक्सपर्ट की राय

4 की बजाय पांच विकल्प का नियम लागू

आप परीक्षा केदो पर अभ्यर्थियों को 1 घंटे पहले पहुंचना होगा। वही परीक्षा कक्षा में बैठने के बाद पेपर परीक्षा के अंदर पर पहुंचने की व्यवस्था भी इसी कड़ी में शामिल होगी। जहां पर कमजोर कड़ियों को और मजबूत किया गया है, चेक एंड बैलेंस लगाए गए हैं, वही OMR सीट में भी 4 के बजाय पांच विकल्प का नियम भी लागू कर दिया गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों को नए नियमों के अनुसार प्रश्नों के उत्तर में एक विकल्प का चयन करना अनिवार्य होगा। अब अभ्यर्थी OMR शीट को खाली नहीं छोड़ सकते हैं, जिससे की पारदर्शिता और भी बढ़ जाएगी।

Some Error