सरकार किसानो को इस बीमारी के लिए दे रही 15000 रूपए प्रति एकड़, जाने केसे ले सकते है, इसका लाभ

किसानों को फसल लगाने के बाद उनमें होने वाले कई बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है, जिसके लिए वह कई तरह की दवाइयां और कहीं तरह के स्प्रे का भी छिड़काव करते हैं, लेकिन कई बार इन बीमारियों के प्रकोप से उनकी पूरी तरह से फसल बर्बाद हो जाती है।

गुलाबी सुंडी बिमारी का प्रकोप

इस समय ऐसी ही एक बीमारी गुलाबी सुंडी है जो की कॉटन की फसल को पूरी तरह से खराब कर देती है। हरियाणा के कई जिलों में पिछले साल की तरह गुलाबी सुंडी का प्रकोप इस बार देखने को मिले रहा है। वहीं किसानों ने यह दावा किया है कि, इस बीमारी से लगभग फसल पूरी तरह से खराब हो जाती है। इसलिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा किसानों की फसल में कोई नुकसान का विवरण भी इस बार मांगा गया है, ताकि उन्हें इसके लिए क्षतिपूर्ति प्रदान की जा सके।

25 साल से अधिक उम्र के युवाओं को मिल रहा 4.5 लाख रूपए का तुरंत लोन, यहा से करे जल्द आवेदन

आपको बता दे की इसमें किसानों को फसल में हो नुकसान के रखने की पूरी जानकारी पहले देना होगी और जितना भी फसल का नुकसान हुआ है, उसकी जानकारी पोर्टल पर दे दी जाएगी। इसके बाद किसानों को फसल मुआवजा राशि प्रदान की जाने वाली।  इस संबंध में बीते दिनों निर्णय लिया गया है।

7000 से लेकर ₹15000 प्रति एकड़ तक मुआवजा

आपको बता दे की पिछले दिनों हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई थी, जहां पर उनके द्वारा बताया गया कि, जिन किसानों की फसल गुलाबी सुंडी के कारण नष्ट हुई है। उनके लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल ओपन किया गया है, जहां पर किसान अपनी क्षतिपूर्ति पूर्ति की सारी जानकारी यहां पर दे सकते हैं। किसान अपनी फसल में हुए खराबी का विवरण भी देना है। किसानों को कपास की फसल का₹7000 से लेकर ₹15000 प्रति एकड़ के अनुसार फसल का मुआवजा दिया जाएगा जो कि, उनको होने वाले नुकसान की भरपाई कर देगा।

Some Error