सोयाबीन सप्ताहिक रिपोर्ट: महाराष्ट्र सोलापुर देखे

सोयाबीन सप्ताहिक रिपोर्ट: पिछला सप्ताह सुरुवात सोमवार महाराष्ट्र सोलापुर 5470 रुपये पर खुला था ओर शनिवार शाम 5600 रुपये पर बंद हुआ पिछले सप्ताह के दौरान प्लांट बालो की मांग निकल से +130 रूपये प्रति कुन्टल मजबूत दर्ज हुआ,बीते सप्ताह सोयाबीन के प्लांट डिलिवरी भाव में। 150-225 रूपए की बढ़त दर्ज की गयी। सीबीओटी सोयाबीन में भी इस सप्ताह 4.90% की बढ़त दर्ज की गयी। विदेशी बाजारों में मजबूती को देख प्लांटों की मांग इस सप्ताह अच्छी रही। सरसो में मजबूती को देखते हुए सोयाबीन में भी मजबूती का रुख देखने को मिला। घरेलू बाजार में सोया तेल सहित अन्य तेलों में सुधार देखने को मिला। सोया तेल और सोयमील में मजबूती को देखते हुए। सोयाबीन की मांग मजबूत रही। भारतीय बाजार में सोयमील के भाव इस सप्ताह 1500-2000 रुपये / टन बढे। भारतीय सोयमील के भाव फ़िलहाल अमेरिका ब्राज़ील और अर्जेंटीना से ऊपर चल रहे हैं ऐसे में एक्सपोर्ट डिमांड आगे चलके कुछ घट सकता है। जिससे तेजी सिमित हो जाएगी। फरवरी महीने में 10 लाख टन सोयाबीन की आवक रिकॉर्ड की गयी। जनवरी की तुलना में सोयाबीन की क्रशिंग फरवरी में 2 लाख टन बढ़कर 9 लाख टन पंहुंचा मार्च की शुरुआत में 77.98 लाख टन सोयाबीन स्टॉक किसान, स्टॉकिस्ट/प्रोसेसर्स के पास उपलब्ध। सीज़न के पहले 5 महीने में सोयाबीन की कुल आवक 71 लाख टन वहीं 52.5 लाख टन सोयाबीन की क्रशिंग हुई महाराष्ट्र कीर्ति प्लांट के चार्ट के अनुसार 5200 का सपोर्ट था जिसके करीब से हमने सोयाबीन के भाव में अब तक अच्छी रिकवरी देखि है। ऊपर में 5720 के एक छोटा रेजिस्टेंस है जिसके ऊपर टिकने पर 200-300 की और बढ़त देखने को मिल सकती है। व्यापारी अभी स्टॉक होल्ड करें।

सोया तेल विदेशी बाज़ारों की मजबूती से सोया तेल के भाव इस सप्ताह बढे। हालाँकि डिमांड का सपोर्ट नहीं होने से बढ़त सिमित रही जहाँ सीबीओटी सोया तेल में 4.5 रुपये/किलो की तेजी आयी, वहीं घरेलू बाजार में 2-3 रुपये/किलो की बढ़त दर्ज की गयी। ड्यूटी की अफवाहें तेज होने से प्लांट भाव तो बढ़ा देते हैं। लेकिन डिमांड नहीं होने से ज्यादा बढ़त नहीं। घरेलू बाजार में सप्ताह के अंत में फिर ड्यूटी बढ़ाये जाने की अफवाह फैली। जिसके चलते साल्वेंट प्लांटों ने सोया तेल के भाव बढ़ाये। कृषि बाजार भाव सर्विस ने स्पष्ट किया की अभी ऐसी कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है और ऐसी अफवाहों से बचे। सोपा और साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने सरकार से आयातित तेलों के इम्पोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी करने की मांग की खाद्य तेल इंडस्ट्री को नुकसान से बचाने की लिए जरूरी है की अब सरकार या तो ड्यूटी में बढ़ोतरी करे या सोया और पाम तेल का वायदा शुरू करे। रिफ़ाइनरीस और साल्वेंट ऊँचे भाव पर स्टॉक लेकर बैठे हैं इसलिए ज्यादा घटा कर सोया तेल नहीं बेचना चाहते इस सप्ताह कांडला सोया तेल में 2-3 रुपये/किलो की बढ़त दर्ज की गयी। लम्बे समय से सोया तेल में सिमित खरीदारी करने की राय देते आ रहा है। डिमांड का सपोर्ट नहीं होने और विदेशी बाजारों में सिमित घट बढ़ के चलते आगे सोया तेल 3-4 रूपए / किलो की घट बढ़ जारी रहेगी। सेंटीमेंट ना तो तेजी वाला और ना ही बड़ी मंदी वाला इसलिए व्यापारी अधिक स्टॉक ना लें और जरुरत के अनुसार ही खरीदारी करें।
व्यापार अपने विवेक से करें

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