इस साल किसानों को हो सकता भारी नुकसान, का ज्यादा असर गेहूं की फसल पर

2023 में किसानो को हो सकता है भारी नुकसान क्योकि फरवरी 2023 में ही तापमान रिकोड तोड़ रहा है. आईआईडब्ल्यूबीआर के अनुसार गेहूं में हल्की सिचाई करना है जरुरी. यदि अपने नहीं किया सिचाई तो हो सकता है भारी नुकसान. पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 32 डिग्री तक तापमान पहुँच गया है. जिससे समय से पहले गेहूं की फसल पकाने की संभावना है. जिस वजह से गेहूं का दाना छोटा रह सकता है. किसानो को भारी नुकसान होगा. आईआईडब्ल्यूबीआर ने गेहूं की फसल में पीला रतुआ से बचने के लिए सावधान भी किया है.

गर्मी का असर गेहूं फसल पर
गर्मी का असर गेहूं फसल पर

मौसम के कारण खेती पर कितना नुकसान

पुछले वर्ष की तुलना में भीषण गर्मी होने की सम्भावन है, और पीला रतुआ रोग बढ़ने के कारण इस वर्ष गेहू की फसल कम हो सकती है. बदलते मोसम से केवल गेहूं पर ही ज्यदा असर दिखाई देगा. जिसका असर होगा गेहूं पर. गेहूं का छोटा दाना होने के करना यह वजन में कम होगी.

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कुछ स्थानों पर पीला रतुआ का असर देखना सुरु हो गया है. इस रोग से बचने के लिए आप दोपहर के समय गेहूं में हल्की सिचाई करे. पीला रतुआ से फसल समय से पहले पककर तेयार हो जाती है. प्रतेक वर्ष की तुलना में गेहूं का होगा.

फसल को पीला रतुआ से केसे बचाए

पीला रतुआ से बचने के लिए आपको खेत में हल्की नम्मी रखनी होगी. और शिचाई का समय दोपहर में तिस मिनट तक कर सकते है.

आईआईडब्ल्यूबीआर ने अपनी सलाह में किसानों को गेहूं की फसल में आवश्यकता के अनुसार हल्की सिंचाई करने को कहा है। परामर्श के अनुसार, तेज़ हवा के मौसम में सिंचाई बंद कर देनी चाहिए, जिससे उपज में कमी आ सकती है।

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गेहूं की कटाई मार्च ले लास्ट तक की जाती है. मार्च में महीने में गेहूं लगभग तेयार हो जाता है.

यदि आपकी फसल में पीला रतुआ रोग नही हुआ है तो उसे बचने के लिए अपना पूरी निगरानी करे. रोग की संभावना होने पर अपने नजदीकी कृषि विज्ञानं केंद्र से जानकारी प्राप्त करे.

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